ओ बसंत ! कहां हो तुम ?

मैं इस उपमहाद्वीप की प्राकृतिक विविधता के दो छोरों से जुड़ा रहा हूं। मैं अरब सागर के तट पर पैदा हुआ था। जब से मैंने इस दुनिया को पहचानना शुरू किया, वह मुझे नाना प्रकार के पहाड़ों, नदियों, नालों और पेड़ पौधों से भरी दिखाई दी। मौसम ने मुझे अपने विविध रूपों में आकर्षित किया।... Continue Reading →

कलियुग – एक भयावह अंत

कलियुग को शास्त्रों में बहुत ही कठोर व दुखों वाला युग माना जाता है। इसे एक कारागार कहा गया है जहां मनुष्य अपने बुरे कर्मों के कारण जन्म लेता है। इस युग में जन्म लेने वाला शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो पूर्णतया चिंतारहित जीवन व्यतीत करता है। हालांकि, कलियुग के अंतिम चरण की... Continue Reading →

राम से बड़ा राम का नाम – ऐसा क्यों कहते हैं ?

बात तब की है जब राम सेतु बनाया जा रहा था, श्री राम ने देखा उनके नाम से पत्थर तैर रहे है, उन्होंने सोचा क्यों ना मैं भी अपने हाथों से पत्थरों पर अपना नाम लिखकर पानी में डालूं और देखूं कि पत्थर तैरते हैं या नहीं ? फिर सबकी नजर बचाते हुए श्री राम... Continue Reading →

श्रीरंगपट्टनम (श्रीरंगपटना)

रावण का वध करने तथा लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद जब श्री राम अयोध्या लौटेे तब उनके साथ विभीषण भी अयोध्या आए। क्योंकि विभीषण भी श्री राम भक्त थे इसलिए लंका वापस लौटते समय श्री राम ने अयोध्या में रखी हुई विष्णु की शेषनाग की शैया पर लेटी हुई प्रतिमा को प्रेम पूर्वक... Continue Reading →

अक्षर ढाले व्यक्तित्व

अक्सर हम कहते हैं कि नाम में क्या रखा है ? लेकिन क्या आप जानते हैं कि व्यक्ति के नाम का पहला अक्षर उसके व्यक्तित्व निर्धारण में महत्वपूर्ण हो सकता है। नाम के पहले अक्षर से व्यक्ति का संपूर्ण व्यक्तित्व जाना जा सकता है। आइए देखते हैं आखिर नाम में क्या रखा है ? ए... Continue Reading →

Uttar Pradesh : शहर, गांव और १०० रूपए

बचपन चंचलता युक्त और चिंतामुक्त होता है। जैसे जैसे हम बड़े होने लगते हैं जीवन चंचलता मुक्त और चिंता युक्त होने लगता है। गांव गांव और शहर में गुजरे हुए बचपन में बस एक मात्र यही फर्क होता है की शहर मैं गुजरा हुआ बचपन सभी सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण होता है वहीं गांव में गुजरा... Continue Reading →

धनतेरस तथा दीपों का दक्षिण में रखा जाना

प्राचीन काल में एक राजा थे। उनके कोई संतान नहीं थी। अत्याधिक पूजा-अर्चना के पश्चात दैव योग से उन्हें पुत्र प्राप्ति हुई। ज्योंतिषियों ने बालक की कुण्डली बनाते समय भविष्यवाणी की कि इस बालक के विवाह के चार दिन के बाद उसकी मृत्यु हो जाएगी। राजा इस बात को जानकर बहुत व्यथित हुए और उन्होंने... Continue Reading →

नानी जी के गांव की भावुक यात्रा

१५ फरवरी २०१९ को मुझे अपनी फुफेरी बहने की शादी में जाना था. मैं अपने जीजू और उनके परिवार के साथ शादी के लिए 'सराय' गाँव में गया. गाँव पहुंच कर देखा सभी लोग यहां वहाँ शादी की तयारी में लगे हुए थे. कुछ रिश्तेदारों से मिलने के बाद हम गाँव के कच्चे घर के... Continue Reading →

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